मैंने तय कर लिया था पहले अपनी जान दूंगा - मुज़फ्फरनगर दंगे में एक पत्रकार की आपबीती Society 

“मैंने तय कर लिया था पहले अपनी जान दूंगा” – मुज़फ्फरनगर दंगे में एक पत्रकार की आपबीती

मुज़फ्फरनगर दंगो पर आधारित आस मोहम्मद कैफ द्वारे लिखित सीरीज़ की दूसरी रिपोर्ट.. मुज़फ्फरनगर: मै सहारनपुर में था, 27 अगस्त फेसबुक पर एक परिचित ने लिखा कि कवाल में साम्प्रदयिक दंगो में 3 मरे, मुझे झटका सा लगा क्योंकि एक महीने से मुज़फ्फरनगर और शामली का देहात सुलग रहा था, आम आदमी भले ही न समझ पाए हो मगर हम जैसे पत्रकारो को आने वाले कल का अहसास होने लगा था| जानने पर पता चला की एक मुस्लिम युवक को मार कर भाग रहे दो जाट युवको को मुस्लिमो की…

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कवाल से ठीक चार साल बाद... मुज़फ्फरनगर दंगो की पड़ताल Society 

कवाल से ठीक चार साल बाद… मुज़फ्फरनगर दंगो की पड़ताल

हाल के इतिहास में मुज़फ्फरनगर दंगा उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा हिंसक माना जाता है| अगस्त-सितंबर 2013 में हुए इस दंगे में 42 मुस्लिम और 20 हिंदुओं सहित कम से कम 62 मौतें हुईं और 93 घायल और 50,000 से अधिक विस्थापित हुए। ऐसा दंगा, जिसने उस इलाके की सामाजिक स्थिति बदल दी| दो समुदाय के बीच ऐसी लाइन खीच दी जिसने दोनों को अलग अलग पाले में खड़ा कर दिया| मुज़फ्फरनगर दंगे के चार साल होने पर आस मोहम्मद कैफ ने दोबारा फिर उसी जगह का दौरा किया जहाँ…

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